सोशल मीडिया पर क्या सिर्फ साफे बांधें..?

राजेश ज्वेल

(9827020830)

देश की मोदी सरकार सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल cheap jerseys online करने की सलाह देती रही है… प्रधानमंत्री खुद तमाम मुद्दों पर ट्वीट करते नजर आते हैं और उनका पीएमओ सोशल मीडिया के माध्यम से ही ???? आम जनता से सुझाव और शिकायतें मंगवाता है wholesale mlb jerseys मगर ये आश्चर्य की बात है कि सेना प्रमुख जवानों को हिदायत देते हैं कि वे सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें न डालें… पूरे सम्मान के साथ सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत कृपया यह बताएं कि क्या सोशल मीडिया पर सिर्फ साफे ही बांधे जाएं..? हर मुद्दे पर सेना के जवानों को सोशल मीडिया पर सलाम ठोका जाता है… अभी नोटबंदी के वक्त भी भक्तों ने आम जनता को यही नसीहतें दीं कि कतार में लगना कौन-सी बड़ी बात है, वहां सेना के जवान सियाचीन जैसी जगहों पर ड्यूटी देते हुए शहीद हो जाते हैं… जब सेना Tortor के इन जवानों की तारीफें सोशल मीडिया पर होती है तब तो सेना प्रमुख का ऐसा कोई बयान पढऩे को को नहीं मिला कि सेना का इस्तेमाल राजनीति के लिए भी न किया जाए… वहीं सेना के जवान अपनी समस्याएं और शिकायतें जनता के साथ क्यों नहीं शेयर कर सकते..? अभी पूरा बवाल बीएसएफ के उस जवान तेज बहादुर यादव के वीडियो के बाद मचा, जिसमें घटिया खाने की शिकायत की गई थी… अब उस जवान को पहले तो प्लंबर बना दिया फिर उसकी शिकायत мир ही फर्जी करार दे wholesale nfl jerseys दी गई… दूसरे लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह की पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति का मोबाइल जब्त कर धमकी दी जा रही है… सेना प्रमुख ने मीडिया को यह भी बताया कि सेना मुख्यालय पर शिकायत पेटी रखवाई जा रही है। यानि सियाचीन में ड्यूटी दे रहे जवान को अगर कोई शिकायत है तो वह दिल्ली पहुंचे और शिकायत पेटी में अपनी शिकायत डाले… गजब का निर्णय है ये, जब सरकार पूरे सिस्टम को ही डिजीटल करने जा रही है और कैशलेस का हल्ला भी पीटा जा रहा है तब शिकायतें क्यों नहीं डिजीटल माध्यम के जरिए की जा सकती है..? अगर सेना is सहित बीएसएफ, सीआईपीएफ और अन्य अद्र्ध सैनिक बलों से लेकर तमाम Quote सरकारी महकमों में सब कुछ चकाचक है तो फिर डर किस बात का..? कोई भी जवान या सरकारी अधिकारी-कर्मचारी बोगस वीडियो बनाकर तो डालेगा नहीं… कहीं कुछ गड़बड़ी है तो उसी को उजागर किया जाएगा… मोबाइल और नेट के जरिए ही देश चलाने वाली मोदी सरकार आखिर एक जवान के वीडियो के सामने आने के बाद ????????! इतनी विचलित क्यों हो गई..? क्या सोशल मीडिया सिर्फ भक्तों की भटेती के लिए ही है, उसका इस्तेमाल जवान से लेकर जनता तक सरकारी मशीनरी की पोलपट्टी खोलने में क्यों नहीं कर सकती है..? मजे की बात यह है कि कैशलेस सिस्टम की पैरवी करने वाली सरकार जवानों के स्मार्टफोन के उपयोग पर रोक लगाने का फैसला कैसे ले सकती है..? क्या जवानों को डिजीटल पेमेंट नहीं करना होगा और वे अपने परिवार से किस तरह सम्पर्क में रहेंगे..?

 

(लेखक परिचय : इंदौर के Think सांध्य दैनिक अग्निबाण में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत् और 30 साल से हिन्दी पत्रकारिता में संलग्न एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय)

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