`व्यापमं का जिन्न’ फिर बोतल से बाहर..!

  • खबरबाण की गूंज पीएमओ तक…

  • `रिकॉर्डतोड़’ VIEW …

  • दिल्ली से आए निर्देश…

|| रोहित पचौरिया ||

एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक घोटाले व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकलकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है और निर्भीक, निष्पक्ष न्यूज पोर्टल खबरबाण ने इस घोटाले की पीड़ा का दंश झेल रहे युवक की पीड़ा को पीएमओ कार्यालय तक पहुंचाया। इसके बाद पीएमओ कार्यालय ने इसे संज्ञान में लेते हुए अफसरों को युवक की बात सुनकर उसे समझाइश देने के लिए निर्देशित किया। इस मामले में पीएमओ कार्यालय की रुचि लेने से अफसरों में भी खलबली मच गई और उन्होंने तुरंत युवक को इंदौर क्राइम ब्रांच बुलाकर पूछताछ की। खबरबाण के इस खुलासे को न्यूज पोर्टल के जरिए अब तक 10 हजार से भी अधिक लोग पढ़ और देख चुके हैं। हालांकि व्यापमं मामला न्याय के मंदिर में है और समय-समय पर माननीय न्यायाधीश महोदय निष्पक्ष न्याय भी कर रहे हैं, फिर भी अभी कई उम्मीदें न्याय के मंदिर से बंधी हुई हैं। खबरबाण ने उक्त राजेश नामक युवक की पीड़ा उसकी जुबानी बयान पर पीएमओ कार्यालय तक पहुंचाने का काम किया है और जनता की अदालत ने भी न्याय के मंदिर से काफी उम्मीदें लगा रखी हैं..!

संक्षिप्त में घटनाक्रम यह है कि… देवास की सतवास तहसील के राजेश बङवाल ने जब पीएमओ को वीडियो के साथ-साथ कई ट्वीट किए तो हड़कम्प मच गया… अपने ट्विट्स और वीडियो में खुद को बेगुनाह बताते हुए राजेश ने खुलेआम खुदकुशी की चेतावनी दी। उसका कहना है कि उसने ईमानदारी से पीएमटी पास की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसका एडमिशन रद्द कर दिया। यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह जान दे देगा। राजेश पिता रामनिवास बडवाल एमपी की उसी 2010 बेच के 634 मेडिकल स्टूडेंट्स में शामिल है जिन सभी का एडमिशन सुप्रीम कोर्ट रद्द कर चुका है। राजेश भी इसी बेच का विद्यार्थी रहा, वह इंदौर के एमजीएम में एमबीबीएस की इंटर्नशीप कर रहा था। पिछले 3 से 4 दिनों में राजेश ने प्रधानमंत्री मोदी और सीएम शिवराज सिंह चौहान को 80 से भी अधिक ट्वीट तो किए ही, वहीं उसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी आया। जब यह वीडियो खबरबाण के हाथ लगा, तो हमने उक्त युवक की पीड़ा को उसी की जुबानी में जनता के सामने रखा और नतीजा यह रहा कि 10 हजार से भी अधिक संख्या में लोगों ने हमारे द्वारा प्रसारित की गई खबर और वीडियो को देखा… वहीं इस खबर को लगातार जनता सोशल साइट्स पर वायरल भी कर रही है…

इसका मतलब यह है कि अब भी न्याय के मंदिर से जनता को उम्मीदें हैं… वहीं राजेश बडवाल का कहना है कि मैं ‘अग्नि परीक्षाÓ को तैयार हूं। मैं चाहता हूँ कि मेरा पक्ष माननीय न्यायालय सुने, मैं आगे की न्यायिक प्रक्रिया तो जारी रखूंगा ही, वहीं मेरी मंशा है कि मैं देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के सामने व्यापमं की ‘हकीकत’ रखना चाहता हूं… मेरी मंशा है कि मेरी बस एक मुलाकात श्री मोदी से हो जाए… वहीं राजेश ने यूट्यूब पर तीन वीडियो भी पोस्ट किए… इसमें उसने पीएम मोदी से इन्साफ की मांग की है। राजेश के मुताबिक़ उसने 2005 से 2010 के बीच लगातार छ: बार पीएमटी की परीक्षा दी थी। पहली बार उसका सिलेक्शन सन् 2009 में एक प्रायवेट कॉलेज में गवर्मेंट सीट पर हुआ था। उसके पिता एक गरीब किसान हैं उनके पास प्रायवेट कॉलेज में सरकारी कोटे की सीट की फीस भरने के भी पैसे नहीं थे। इसलिए उसने एडमिशन नहीं लिया और अगले साल फिर से एग्जाम दी। तब उसका सिलेक्शन हुआ था। राजेश की मानें तो यदि उसके पिता के पास सीट खरीदने जितना पैसा होता तो वह 6 साल तक लगातार मेहनत ही क्यों करता..? राजेश का सवाल यह भी है कि यदि उनके पास पैसे होते तो वो 2009 में प्रायवेट कॉलेज में भी एडमिशन ले सकता था। राजेश के मुताबिक हाईकोर्ट ने उसकी बात को नोटिस में ही नहीं लिया। उसे उम्मीद थी कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में इन्साफ करेगा, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने हमारे भविष्य को छला है। यदि कोर्ट को हमारी योग्यता पर शक था तो हम किसी भी तरह के एलीजिब्लिटी टेस्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन कोर्ट ने व्यापमं की इनहाउस जांच के आधार पर हमारा भविष्य चौपट कर दिया। राजेश ने खबरबाण को बताया कि 6 साल की मेहनत के बाद उसने पीएमटी क्रेक की थी। यदि मैं चीटींग करता तो एमबीबीएस में उसका रिजल्ट खराब हो जाता, लेकिन एमबीबीएस में उसका रिजल्ट लगातार बेहतर रहा। यहां राजेश का सवाल तो वाजिब, वहीं उसके किसी भी ट्वीट का पीएमओ या सीएम ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया… राजेश ने भी अपने लास्ट ट्वीट में यही गुहार लगाई है कि मेरे इतने ट्वीट करने के बावजूद पीएमओ और सीएम मुझे कोई जवाब क्यों नहीं दे रहा..?

खबरबाण… सबसे पहले!

राजेश बडवाल ने 24 मार्च 2017 को जब सबसे पहला वीडियो यूट्यूब पर अपलोड किया, उसी दिन खबरबाण की नजर उक्त वीडियो पर गई। उक्त युवक की पीड़ा को समझते हुए खबरबाण ने वीडियो सहित खबर प्रसारित की, जिसका असर यह रहा कि जनता द्वारा लगातार हमारी खबर को वायरल किया गया और 10 हजार से अधिक लोगों की निगाहों से होकर उक्त खबर गुजरी है… परिणामत: पीएमओ को प्रदेश के आला अधिकारियों को राजेश पर निगाह रखने के निर्देश देना पड़े… खबरबाण से चर्चा में 27 मार्च 2017 सोमवार को इंदौर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से मुलाकात हुई, उन्होंने भी राजेश को समझाइश दी।

जब डीआईजी और क्राइम ब्रांच एसपी से खबरबाण ने पूछा…

27 मार्च 2017 सोमवार को जब इस घटनाक्रम के संबंध में खबरबाण ने इंदौर रेंज के डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हां, दिल्ली से निर्देश आए थे, युवक को वीडियो हटाने और न्यायिक प्रक्रिया को करने की समझाइश दी गई है और उसे चेताया भी गया है कि वह कोई गलत कदम न उठाए। वहीं क्राइम ब्रांच के एएसपी अमरेन्द्र सिंह से इस घटना की जानकारी ली गई तो उन्होंने खबरबाण को बताया कि दिल्ली जानकारी भेज दी गई है, वहीं युवक को क्राइम ब्रांच बुलाया गया था, उसे समझाइश दी गई है कि अगर वीडियो नहीं हटाया गया तो कार्रवाई भी की जा सकती है और इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की जानी चाहिए।

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एक बार मोदी जी से मिलवा दो…

राजेश बडवाल ने खबरबाण को बताया कि मैं मेरा पक्ष आगे सुप्रीम कोर्ट में रखूंगा ही, वहीं मेरी मंशा है कि प्रदेश में हो रहे व्यापमं फर्जीवाड़े की जानकारी मैं खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को दूं… मैं उन्हें इस व्यापमं घोटाले की व्यापकता को बताना चाहता हूं… उन्हें बताऊंगा कि ‘गेहूं के साथ कैसे घुन पीसाया’ है… मेरी मंशा है कि या तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान मुझसे बात करें या फिर प्रधानमंत्री मेरी पीड़ा को सुनें… मैं आगे की न्यायिक लड़ाई तो लडूंगा ही… और फिलहाल मैं अपनी लड़ाई जारी रखूंगा, जब तक मेरी मुलाकात पीएम मोदी जी या सीएम श्री चौहान से नहीं हो जाती… भले ही मुझे ट्वीट और वीडियो डिलीट करने के लिए कहा जाता रहे.!!

वह वीडियो भी देखें… जिसका मुद्दा खबरबाण ने सबसे पहले उठाया था..!

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