कलदारों से भरा पड़ा है दो नंबर….

गुस्ताखी माफ़

यूं तो पूरे शहर में भाजपा की तूती बोलती है, परंतु क्षेत्र क्रमांक 2 की बात ही अलग है। दादा दयालु और उनके पेले भिया दोनों ने ही अपना जीवन कलदार पट्ठों को बनाने में समर्पित कर दिया। जब भिया निगम में महापौर थे तो उन्होंने क्षेत्र के तमाम बेरोजगार युवाओं को नगर निगम का ठेेकेदार बनाकर अब इतना गच्च कर दिया कि अब उनके ठेके ही दूसरे लेने लगे हैं। इधर मौसम बदला, बहार बदली और क्षेत्र की कमान दादा दयालु के हाथ में आई। दादा दयालु का दिल दरिया है। भोजन भंडारों के भव्य आयोजनों से उन्होंने पेट के रास्ते लोगों के दिल में जगह बना ली। अब दूसरे नेता इस क्षेत्र में दिल के रास्ते पेट में जाने की कोशिश कर रहे हैं तो वे बाहर निकल रहे हैं। लोग पचा नहीं पा रहे हैं। वैसे भी दादा दयालु का इतना नमक खा लिया है कि अब नमकहरामी नहीं कर सकते। इधर, दादा दयालु ने इस क्षेत्र में कलदार पट्ठों की इतनी बड़ी फौज तैयार कर दी है जो दूसरे क्षेत्रों में भी युद्ध के समय उनके इशारे का इंतजार करती है। ऐसा नहीं है दूसरे क्षेत्रों में भी भाजपा के विधायक है पर अपने आसपास चार कलदार पट्ठे भी तैयार नहीं कर पाए हैं और इसीलिये चुनाव के समय में वे घर-घर पांव छूते दिखते हैं। इधर, दो नंबर में कलदार पट्ठे ही चुनाव संभाल लेते हैं। दादा को तो दो-चार जगह निपटाने से ही फुर्सत नहीं मिलती है। इसीलिए कहते हैं कि घर में जड़े मजबूत होना चाहिए। कुछ ऐसा ही मामला बाणगंगा क्षेत्र में हो रहा है। यहां नगर निगम की गैंग पानी की मोटरें जब्त करने के लिए गणेश नगर पहुंची। गैंग के साथ क्षेत्र के पार्षद दिलीप मिश्रा भी चिपक लिए और जहां पर भी मोटर पकड़ी जाती, भिया झट वोट बढ़ाने के चक्कर में मोटर छुड़वा देते। इधर, नगर निगम आयुक्त लगातार पानी की मोटरें जब्त करने के लिए प्रताडि़त कर रहे हैं। कर्मचारियों की हालत पार्षद के कारण सांप छछुंदर जैसी हो गई है। – नवनीत शुक्ल (9826667063)

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