इंदौर ने सबको पछाड़ा… क्या `तमके’ के बाद भी `चमकेगा’..?

रोहित पचौरिया
इंदौर
| आखिरकार इंदौर को भारत सरकार द्वारा कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण मे नम्बर वन घोषित कर ही दिया… इसके लिए महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ और निगमायुक्त मनीष सिंंह बधाई के पात्र तो हैं हीं, क्योंकि निगम में ऐसी सक्रियता और काम करवाने का तरीका इससे पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो… महापौर और निगमायुक्त की जुगलबंदी और सफाईकर्मियों की मेहनत तो रंग लाई ही, वहीं इंदौर की जनता ने भी स्वच्छता को लेकर अच्छी-खासी सक्रियता दिखाई, जिसका परिणाम यह रहा कि इंदौर ने मैसूर को पछाड़ते हुए आज भारत में नम्बर वन का खिताब हासिल किया… वहीं निगमायुक्त और महापौर के समक्ष इसको लेकर अब भी कई चुनौतियां हैं…

61वें स्थान से सीधे पहले स्थान पर इंदौर जहां नम्बर वन पर पहुंचा, वहीं दूसरी ओर जनता के मन में कई सवाल भी खड़े होते दिख रहे हैं… इंदौर को मिले इस `तमके’ के बाद भी क्या इंदौर इसी तरह स्वच्छ नजर आएगा..? लोगों का कहना है कि इंदौर में जगह-जगह जो शौचालयों का निर्माण किया गया गया क्या वह स्वच्छ रह पाएंगे..? अभी से ही इन शौचालयों में से दूर-दूर तक बदबू फैलने लगी है… जहां एक तरफ इन शौचालयों की सफाई नहीं हो रही, वहीं दूसरी ओर पानी भी इन शौचालयों में उपलब्ध नहीं रहता…

अब सबसे बड़ी चुनौती इंदौर नगर निगम के लिए इन शौचालयों को जहां साफ रखने की है, वहीं इसी तरह की सक्रियता शहर को नम्बर वन का खिताब मिलने के बाद निगम को दिखना होगी… महापौर और निगमायुक्त को इस बात का ध्यान रखना होगा कि आगे `पाठ-पीछे सपाट’ वाली कहावत इसके बाद चरितार्थ न हो..?

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मैसूर को भी पछाड़ दिया

आज मैसूर को पछाड़कर इंदौर ने पहला नम्बर मार लिया… 6 साल पहले जहां इंदौर 61वें स्थान पर था, तो दो साल पहले इंदौर 25वें स्थान पर पहुंचा और अब पहले नम्बर पर आ गया, जबकि प्रदेश की राजधानी भोपाल को दूसरा और विशाखापट्टनम् को तीसरा स्थान मिला है, जबकि सूरत को चौथा और अभी तक नम्बर वन रहे मैसूर को पांचवें स्थान पर खिसकना पड़ा…

आखरी समय तक रही संशय की स्थिति

कल शाम ही नई दिल्ली महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ और निगमायुक्त मनीष सिंह दिल्ली पहुंच गए थे… आज शहरी विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वे का परिणाम घोषित किया गया, उसके पहले तक महापौर और आयुक्त संशय में रहे..!

कल शाम से ही सोशल मीडिया, खासकर व्हाट्सएप पर इंदौर को अव्वल घोषित करने की सूचनाएं आने लगी थीं, वहीं मीडिया में भी यह खबरें आई कि इंदौर को सबसे साफ शहर घोषित किया जा रहा है…

यही कारण है कि महापौर और आयुक्त को लगातार मीडिया से भी कन्फर्मेशन के फोन आते रहे और साथ में बधाइयों का सिलसिला भी शुरू हो गया… इधर मध्यप्रदेश नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह के अनुसार अगले दो माह में प्रदेश के शेष 209 शहर भी खुले में शौच से मुक्त करा दिए जाएंगे…

खुले में शौच से मुक्त भी होंगे शहर..!

अभी प्रदेश के 136 शहर खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं… स्वच्छ भारत मिशन के लिए इस वित्त वर्ष में 600 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है और प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को 26 क्लस्टर में बांटकर पीपीपी आधारित एकीकृत सॉलिड बेस्ट मैनेजमेंटग योजना का क्रियान्वयन शुरू किया है…

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