शनि की ढैय्या ने डुबोई केजरीवाल की नैया!

नई दिल्ली|

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नगर निगम में मिली करारी हार का सबसे बड़ा कारण सामने आ गया है। केजरीवाल की जन्म कुंडली में चंद्रमा से आठवें भाव में आया शनि उन पर सियासी रूप से भारी पड़ रहा है।

दरअसल, शनि का ये गोचर 27 जनवरी को शुरू हुआ था और शनि 30 महीने एक राशि में रहता है। शनि की ढैय्या शुरू होते ही केजरीवाल को पहले पंजाब में हार का मुंह देखना पड़ा और अब दिल्ली नगर निगम चुनाव में मिली करारी हार का कारण भी शनि की ढैय्या को ही माना जा रहा है।

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ज्योतिष का ज्ञान रखने वालों ने पहले ही ये बात साफ कर दी थी कि 23 अप्रैल को होने वाले एमसीडी चुनाव में शनि देव अपना असर दिखाएंगे और अाम अादमी पार्टी को एमसीडी चुनाव में भी उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिलेंगे।

ज्योतिष की बैवसाइट एस्ट्रोसेज पर उपलब्ध डाटा की मानें तो केजरीवाल का जन्म 16 अगस्त 1968 को रात पौने 12 बजे के करीब हिसार में हुआ है और उनकी कुडली में चंद्रमा वृषभ राशि में है व शनि इस समय वृषभ राशि से आठवें भाव में गौचर कर रहा है।
केजरीवाल की कुंडली में इस समय गुरू की महादशा के मध्य चंद्रमा की अंतरदशा चल रही है, जो कल समाप्त हो जाएगी। लेकिन इसके बाद उनकी कुंडली में गुरू के मध्य मंगल की अंतरदशा शुरू हो जाएगी।

मंगल केजरीवाल की कुंडली में आठवें और बाहरवें भाव का स्वामी है व कुंडली में मंगल नीच राशि में बैठा है। लिहाजा ये अंतरदशा भी केजरीवाल के लिए अच्छी नहीं रहने वाली।

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