पोषित भारत, शिक्षित भारत‘ का लें संकल्प : मेनका गांधी

नई दिल्ली|

बाल कुपोषण के मुद्दे पर जागरुकता फैलाते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने कहा कि मैं अक्षय पात्र फाउंडेशन को यह अभियान शुरू करने के लिए बधाईयां देती हूं।

वे दुनिया में अपनी तरह के अनूठे संस्थान हैं और बेहतरीन सेवा दे रहे हैं। कुपोषण उन मुद्दों में से एक है जिस पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है। हमारा फोकस सिर्फ खाना खिलाने पर नहीं होना चाहिये बल्कि पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर होना चाहिये।

मुझे लगता है कि बच्चों को ऐसे पैकेट देने चाहिये जिसमें 600-1000 कैलोरीज एवं पोषक तत्व हों। मैं अक्षय पात्र फाउंडेशन से इस पहल को शुरू करने का अनुरोध करती हूं।

मैं आपको इस पहल को सभी राज्यों में ले जाने के लिए पूरा सहयोग दूंगी। मैं आज सभी काॅर्पोरेट कंपनियों को भी इस सरोकार से जुड़ने के लिए बधाईयां देती हूं और मुझे भरोसा है कि आप इस अभियान के द्वारा शानदार परिणाम हासिल करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ‘विश्व भुखमरी दिवस‘ के अवसर पर अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थी। इस दौरान पोषित भारत, शिक्षित भारत का संकल्प लिया गया। इस अभियान का मकसद बच्चों में पोषण के महत्व और शिक्षा के लिए इसकी शक्ति के बारे में जागरुकता फैलाना है। ‘फीड द फ्यूचर नाउ‘ नामक यह अभियान वर्ष 2020 तक भारत भर में बच्चों को 5 बिलियन मील्स परोसने के लिए तैयार है। इसका दृष्टिकोण ‘पोषित भारत, शिक्षित भारत‘ का निर्माण करना है।

इस अवसर अक्षय पात्र फाउंडेशन के सीईओ श्रीधर वेंकट ने कहा, ‘‘हम अपने सभी साझीदारों खासतौर से भारत सरकार के बहुत शुक्रगुजार हैं जो 0-12 वर्ष की आयु के बच्चों में उचित पोषण सुनिश्चित करने की बढ़ती जरूरत के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए आज एकजुट हुये और वर्ष 2020 तक 5 बिलियन मील्स परोसने के हमारे मिशन में हमारे साथ जुड़े। भोजन धर्मार्थ नहीं है। भोजन जिंदगी है। एक बच्चे को रोजाना अच्छा पोषण देना और स्कूल में उनकी उपस्थिति के साथ ही उन्हें सफलता दिलाना हमारी सयंुक्त सामाजिक जिम्मेदारी है और यह ऐसी जिम्मेदारी है जोकि नई पीढ़ी के आगे बढ़ने पर असीमित प्रतिफल प्रदान करेंगी।‘‘

इस नेक कार्य के लिए अपना सपोर्ट देते हुये श्री मनोज कुमार, प्रबंध निदेशक, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर ने कहा, ‘‘‘फीड द फ्यूचर नाउ‘ जीएसके के ‘अधिक करो, बेहतर महसूस करो और लंबे समय तक जियो‘ के मुख्य सिद्धांत के अनुरूप है।

भारत में, 10 में से 9 बच्चों में सूक्ष्मपोषक तत्वों की कमी है। इस साझेदारी का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है जिससे निश्चित रूप से हमारे बच्चों का भविष्य निखारने में मदद मिलेगी।

इस साझेदारी के तहत, जीएसके 50,000 से अधिक बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करायेगा। इसके अतिरिक्त, हमारे सीएसआर प्रोग्राम ‘मिशन हेल्थ‘ के तहत, हमने खुद से बच्चों की शिक्षा एवं सूक्ष्मपोषक तत्वों की कमी के प्रति जागरुकता फैलाने का काम हाथ में लिया है। हमने फिलहाल देश में 150,000 से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाई है।‘‘

इस सरोकार का समर्थन करने वाले श्री दामोदार माॅल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रिलायंस रिटेल (फूड एवं ग्राॅसरी डिविजन) ने कहा, ‘‘हमें अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ ‘फीड द फ्यूचर नाउ‘ पहल के लिए साझेदारी करके खुशी हो रही है।

हमारे स्टोर्स और हमारे कम्यूनिकेशन प्लेटफाॅर्म में, हम इस अभियान के संदेश को लाखों ग्राहकों तक प्रसारित करेंगे। हमारे ग्राहकों के साथ मिलकर, हमें बेहद खुशी हो रही है कि हम यह सुनिश्चित करने में मदद करेंगे कि अच्छी शिक्षा के रास्ते में भूख कभी आड़े नहीं आये।‘‘

इस अभियान से हाथ मिलाते हुये, श्री संजय खजूरिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, काॅर्पोरेट अफेयर्स, नेस्ले इंडिया ने कहा, ‘‘पोषण नेस्ले के लिए केंद्रण का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। नेस्ले में हमारा प्रयास पौष्टिक शिक्षा में योगदान करना है।

हमारा प्रमुख पोषण जागरुकता कार्यक्रम ‘नेस्ले हेल्दी किड्स‘ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किशोर उचित पोषण एवं शारीरिक गतिविधि की आदतें अपनायें। यह उनके विकास एवं शिक्षण सामथ्र्य के लिए महत्वपूर्ण है।

हमारा मानना है कि हितधारकों के लिए पौष्टिक रूप से सशक्त समाज बनाने की यात्रा में हाथ मिलाना अत्यावश्यक है। नेस्ले में हम कुपोषण की चुनौती को दूर करने में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम साथ काम करने में यकीन करते हैं। हम पोषित भारत, शिक्षित भारत के लिए ‘फीड द फ्यूचर नाउ‘ अभियान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का संकल्प लेते हैं।‘‘

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