जीवन में आगे बढऩा है तो रतन टाटा के `20 अनुभव’ जान लो

2o सालों से अधिक टाटा के चेयरमैन रहे रतन टाटा भारतीय उद्द्योग जगत में एक लिविंग लीजेंड की तरह देखे जाते हैं… Salt से Software तक का निर्माण करने वाली Tata Company भारत में ही नहीं पूरे विश्व में जानी जाती है और इसकी कामयाबी का श्रेय बहुत हद तक Ratan Tata को जाता है…

– मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता। मैं निर्णय लेता हूँ और फिर उन्हें सही साबित कर देता हूँ।

– अगर आप तेजी से चलना चाहते हैं तो अकेले चलिए। लेकिन अगर आप दूर तक चलना चाहते हैं तो साथ मिलकर चलिए।

– आगे बढ़ने के लिए जीवन में उतर-चढ़ाव बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि ईसीजी में भी एक सीधी लाइन का मतलब होता है कि हम जिंदा नहीं हैं।

– सत्ता और धन मेरे दो प्रमुख सिद्धांत नहीं हैं।

– मेरे पास दो या तीन कारें हैं जो मुझे पसंद हैं, लेकिन आज, प्रभावशाली होने के मामले फेरारी सबसे अच्छी कार है जो मैंने चलाई है।

– मैं निश्चित रूप से राजनीति में नहीं शामिल होऊंगा। मैं एक साफ़-सुथरे बिजनेसमैन के तौर पे याद किया जाना पसंद करूँगा, जिसने सतह के नीचे की गतिविधियों में हिस्सा ना लिया हो, और जो काफी सफल रहा हो।

– यदि ये सार्वजानिक जांच की कसौटी पर खरा उतरता है तो इसे करो…अगर ये ये सार्वजानिक जांच की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है तो इसे मत करो।

– जिस दिन मैं उड़ान नहीं भर पाऊंगा, वो मेरे लिए एक दुखद दिन होगा।

– मैं लगातार लोगों से लोगों को प्रोत्साहित करने, जिसपर सवाल न उठा हो उसपर सवाल उठाने, नए विचार सामने लाने में शर्मिंदा ना होने, और चीजों को करने के लिए नयी प्रक्रियाओं को बताने के लिए कहता रहा हूँ।

– मैं भारत के भविष्य की सम्भावनाओं के लेकर हमेशा बहुत कॉंफिडेंट और उत्साही रहा हूँ। मुझे लगता है ये एक महान क्षमता वाला महान देश है।

– ऐसी कई चीजें हैं, जो अगर मुझे दोबारा जीने के मौका मिले तो शायद मैं अलग ढंग से करूँगा। लेकिन मैं पीछे मुड़कर ये नहीं देखना चाहूँगा कि मैं क्या नहीं कर पाया।

– मैं उनके बाद आया जिनके शूज बहुत बड़े थे। उनके शूज बहुत बड़े थे। मिस्टर जे.आर.डी. टाटा भारतीय बिजनेस कम्युनिटी में लीजेंड थे। वो ५० सालों टाटा संगठन के शीर्ष पर बने रहे। आपने लगभग ये सोचना शुरू कर दिया था कि वो हमेशा के लिए रहेंगे।

– मैं कहूँगा कि एक चीज जो मैं अलग ढंग से करना चाहता वो है और अधिक आउटगोइंग होना।

– कोई लोहे को नष्ट नहीं कर सकता, लेकिन उसकी अपनी जंग कर सकती है! उसी तरह कोई किसी इंसान को बर्बाद नहीं कर सकता, लेकिन उसकी अपनी मानसिकता कर सकती है।

– बिजनेस को अपनी कम्पनी के हितों से आगे बढ़कर उन समुदायों तक जाना चाहिए जिसे वे सर्व करते हैं।

– उन पत्थरों को उठाइए जो लोग आप पर फेंकते हैं और उनका इस्तेमाल कर के एक स्मारक खड़ी कर दीजिये।

– मैं चार बार शादी करने के बहुत करीब पहुँच गया था, और हर बार मैं किसी न किसी डर की वजह से पीछे हट गया। हर अवसर अलग था, लेकिन अब जब मैं इसमें शामिल लोगों को देखता हूँ, मैंने जो किया वो इतना बुरा नहीं था। मेरा मानना है, अगर शादी हो जाती तो ये और भी काम्प्लेक्स होता।

– मैंने हमारी कम्पनी में ये बात भी रखी है: हमें बेबी स्टेप्स लेना छोड़ना होगा और ग्लोबली सोचना शुरू करना होगा। ये सचमुच मददगार लग रहा है।

– अब से सौ साल बाद, मैं टाटा ग्रुप को जितना वो अब है उससे कहीं बड़ा देखना चाहता हूँ। इससे भी ज़रूरी बात, मैं आशा करता हूँ कि ग्रुप को भारत में बेस्ट माना जाए.. जिस तरीके से हम ऑपरेट करते हैं उसमे बेस्ट, जो प्रोडक्ट्स हम देते हैं उसमे बेस्ट, और हमारे वैल्यू सिस्टम्स और एथिक्स में बेस्ट। इतना कहने के बाद, मैं आशा करता हूँ कि सौ साल बाद हम अपने पंख भारत से कहीं दूर तक फैला पायेंगे।

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