पुलिस वालों को 15 मंजिला बिल्डिंग में 944 फ्लेट… शिवराज ने किया उद्घाटन

इंदौर।

पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के लिए अब मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना के तहत आगामी 5 सालों में 25 हजार आवास बनाने का निर्णय केबिनेट ने लिया है, जिसके चलते इंदौर में 15वीं वाहिनी विशेष सश बल परिसर में 944 फ्लेटों का निर्माण शुरू किया जा रहा है। 15 मंजिलों के कुल 8 टॉवरों का निर्माण किया जाएगा, जिसका भूमिपूजन आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने किया।

पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन ने लगभग 124 करोड़ रुपए में इसका ठेका अहमदाबाद की जानी-मानी कम्पनी मेसर्स आरजेपी इन्फ्रास्ट्र्क्चर को सौंपा है। मोनोलिथिक शियरवॉल टेक्नोलॉजी और ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर पहली बार इस तरह के फ्लेटों का निर्माण होगा, जिसमें ईंटों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

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इंदौर में ही पुलिस विभाग के पास आवासों की अत्यंत कमी है और जितने भी पुरानी पुलिस कॉलोनियां हैं उनके भी मकान अत्यंत जर्जर हो चुके हैं। डीआरपी लाइन से लेकर सदर बाजार, बाणगंगा और अन्य क्षेत्रों में स्थित आवासों की हालात अत्यंत खराब हो चुकी है।

लिहाजा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल के पास ही आवास उपलब्ध कराने की योजना पिछले दिनों बनवाई, जिसे मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना नाम दिया गया और इसके पहले चरण में 10500 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 8266 पूर्ण हो चुके हैं और शेष इस साल दिसम्बर तक बन जाएंगे। इसके दूसरे चरण में आगामी 5 साल में 25 हजार और आवास निर्मित होंगे, जिसकी मंजूरी पिछले दिनों केबिनेट ने दी और इसके आधार पर टेंडर की प्रक्रिया पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन ने शुरू कर दी है।

इंदौर जैसे बड़े शहरों में जहां जमीनें की कीमतें अत्यधिक हैं और उपलब्धतता भी कम है, लिहाजा यहां बहुमंजिला इमारतें इस योजना के तहत निर्मित करवाई जाएंगी। 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल परिसर में 944 फ्लेटों की 15 मंजिलों वाली बहुमंजिला इमारतें बनेंगी, जिनमें 8 टॉवरों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश, पर्यावरण, अग्निशमन, निगम के साथ-साथ एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी अनुमति ले ली गई है। किसी भी सरकारी या अद्र्धसरकारी संस्था द्वारा पहली बार नई टेक्नोलॉजी के साथ इन फ्लेटों का निर्माण करवाया जा रहा है।

मोनोलिथिक शियरवॉल टेक्नोलॉजी से इंदौर में इन फ्लेटों का निर्माण होगा। इस टेक्निक में ईंट जुड़ाई का काम नहीं होगा, बल्कि दीवारों का कार्य भी आरसीसी से होगा। ईंटों की खपत शून्य रहेगी, जिसे मिट्टी संरक्षण की दृष्टि से राष्ट्रीय हरित अभिकरण की मंशा अनुरूप कार्य हो सकेगा और इसमें ग्रीन बिल्डिंग कन्सेप्ट का भी समावेश किया गया है, जिसके चलते सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम, सौर ऊर्जा से एसटीपी पम्प व स्ट्रीट लाइट हेतु ऊर्जा उत्पादन, वॉटर हार्वेस्टिंग, लैंड स्केपिंग, चिल्ड्रन पार्क के अलावा अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। इन 944 फ्लेटों में से 236 फ्लेट अराजपतरित अधिकारियों एवं 708 फ्लेट गृह आरक्षक व प्रधान आरक्षकों के लिए निर्मित होंगे।

अराजपतरित फ्लेटों का क्षेत्रफल 847.45 स्क्वेयर फीट रहेगा, जिसमें दो बैडरुम होंगे, वहीं आरक्षकों के फ्लेटों का क्षेत्रफल 670.34 स्क्वेयर फीट का होगा। कुल 8 टॉवर बनेंगे, जिनमें प्रत्येक टॉवर में दो लिफ्टें भी रहेंगी।

पॉवर बैकअप के लिए दो डीजल जनरेट सेट का भी इस्तेमाल होगा। इन 944 फ्लेटों के लिए कुल 8 लाख 66 हजार 709 स्क्वेयर फीट सुपर बिल्टप एरिया निर्मित किया जाएगा, जिसके लिए 123.84 करोड़ रुपए के टेंडर को मंजूरी दी गई है। इस मान से 1428.85 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट लागत आएगी, जिसमें भवन निर्माण के साथ-साथ विकास से जुड़े सभी कार्य रहेंगे और 5 साल तक इसमें रख-रखाव यानि मेंटेनेंस भी शामिल होगा।

इस टेक्निक से लागत कम भी आई है और निर्माण तेज गति से हो सकेगा। औसत रूप से प्रति सप्ताह एक आवास की छत कॉस्ट की जा सकेगी। इन फ्लेटों के निर्माण की जिम्मेदारी अहमदाबाद की प्रतिष्ठित फर्म मेसर्स आरजेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर को सौंपी गई है, जिसे मोनोलिथिक शियरवॉल टेक्नोलॉजी और ग्रीन बिल्डिंग कंसेप्ट पर निर्माण करने का अच्छा-खासा अनुभव है और पिछले 5 वर्षों में ही उक्त फर्म ने अहमदाबाद नगर निगम के लिए इसी तकनीक से 5 हजार आवासों का निर्माण किया है। आज बाबा साहेब आम्बेडकर जयंती समारोह में इंदौर होकर महू जाने से पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इन आवास गृहों के लिए भूमिपूजन किया।

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