उलटे बांस बरेली… गुजरात चुनाव में उत्तरप्रदेश मॉडल

भाजपा अभी तक आम से लेकर राज्यों के विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनावों में अपने गुजरात मॉडल का ढोल पीटती रही है… मुख्यमंत्री के बाद प्रधानमंत्री रहते मोदी जी ने गुजरात मॉडल को अत्यंत लोकप्रिय बनाया, मगर अब योगी आदित्यनाथ के उत्तरप्रदेश मॉडल का हल्ला देशभर में ज्यादा मच रहा है… भाजपा के साथ-साथ उसकी मातृ संस्था संघ को भी ये नया मॉडल रास आ रहा है… बूचडख़ानों से लेकर एंटी रोमियो स्क्वॉड पर आई सकारात्मक प्रतिक्रिया के चलते अब विचार किया जा रहा है कि गुजरात चुनाव में गुजरात मॉडल को त्यागकर उत्तरप्रदेश का मॉडल अपनाया जाए… इस साल के अंत में ही गुजरात सहित कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है और भाजपा के लिए गुजरात का चुनाव भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा… पटेल आंदोलन और आनंदी बेन का प्रयोग असफल होने के बाद गुजरात में भाजपा का वोट बैंक प्रभावित हुआ है… लिहाजा अब भाजपा और खासकर संघ चाहता है कि गुजरात में उत्तरप्रदेश मॉडल को अपनाया जाए… उत्तरप्रदेश में भाजपा और संघ ने कई नए प्रयोग चुनाव प्रबंधन, प्रचार में आजमाए जो अत्यंत कारगर साबित हुए… वोटों के ध्रुवीकरण से लेकर जातीय समीकरण को साधने के लिए स्थानीय नेताओं को प्रमोट किया गया और श्मशान-कब्रिस्तान के साथ-साथ किसानों की कर्ज माफी जैसे लोक लुभावने वायदे भी किए गए… मोदी जी ने खुद को उत्तरप्रदेश का गोद लिया हुआ बेटा बताया, जबकि गुजरात के तो वे असली बेटे हैं हीं… ऐसे में विकास के साथ-साथ हिन्दुत्व के मुद्दे को उभारते हुए गुजरात में अगर उत्तरप्रदेश का मॉडल देखने को मिले तो राजनीतिक विशेषज्ञों को अचरज नहीं होना चाहिए…

(राजेश ज्वेल)
9827020830

(लेखक परिचय : इंदौर के सांध्य दैनिक अग्निबाण में विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत् और 30 साल से हिन्दी पत्रकारिता में संलग्न एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के साथ सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय)

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